
शादियों के इस सीजन में अपनी सेहत को न भूलें-डॉ विजय गर्ग
शादियों का मौसम आते ही रोशनी, रंग, रिश्ते और रस्में हमारे जीवन में एक अलग ही उत्साह भर देते हैं। पर इन्हीं चकाचौंध के बीच हम अक्सर अपनी सबसे कीमती पूंजी—सेहत—को पीछे छोड़ देते हैं। लगातार चलने वाली दावतें, देर रात तक जागना, मीठे और तले हुए भोजन की भरमार, और भागदौड़ भरी तैयारियाँ हमारे शरीर और मन पर गहरा असर डालती हैं। यही कारण है कि शादी के इस व्यस्त मौसम में सेहत को याद रखना बेहद जरूरी है।
1. दावतों का स्वाद, लेकिन संतुलन के साथ
शादी-ब्याह में व्यंजन इतने आकर्षक होते हैं कि कोई भी खुद को रोक नहीं पाता।
लेकिन वही प्लेट आपकी सेहत के लिए बोझ भी बन सकती है।
एक बार में कम मात्रा में खाएँ।
सलाद, सूप या हल्के व्यंजन से शुरुआत करें, ताकि पेट पर भार न पड़े।
अत्यधिक मीठा और तला भोजन सीमित रखें—ये कैलोरी तो बढ़ाते ही हैं, पाचन को भी बिगाड़ते हैं।
पानी अधिक पिएँ और कोल्ड ड्रिंक/पैक जूस से दूरी बनाएँ।
2. देर रात तक जागना: मज़ा भी, ख़तरा भी
लगातार कई दिनों तक देर रात तक जागने से
रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है,
शरीर थकान महसूस करता है,
माइग्रेन और तनाव बढ़ सकते हैं।
शादी की मस्ती जरूरी है, पर अपनी नींद को भी उसी महत्व दें। कम से कम 6 घंटे की नींद जरूर लें।
3. पाचन पर विशेष ध्यान
शादी के मौसम में सबसे ज्यादा शिकायतें पाचन से जुड़ी होती हैं—गैस, एसिडिटी, पेट दर्द, उल्टी-दस्त आदि।
भोजनों के बीच पर्याप्त अंतर रखें।
भारी भोजन के बाद छोटी सैर करें।
अदरक, सौंफ या गुनगुना पानी पाचन में काफी मदद करता है।
4. हाइड्रेशन को न भूलें
सर्दियों में प्यास कम लगती है और गर्मियों में गर्मी अधिक थका देती है। दोनों ही स्थितियों में शरीर को पानी की जरूरत रहती है।
हर कार्यक्रम में एक बोतल पानी साथ रखें।
शराब का सेवन हो तो पानी की मात्रा और बढ़ाएँ, ताकि शरीर डिहाइड्रेशन से बचे।
5. भीड़ और संक्रमण से बचाव
शादियों में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं, जहाँ संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है—सर्दी-ज़ुकाम, वायरल या फिर फूड पॉइजनिंग।
हाथ साफ रखें, सैनिटाइज़र साथ रखें।
खुले में रखे भोजन से थोड़ा सतर्क रहें।
हल्का बुखार, थकान या खांसी हो तो कुछ समय आराम को प्राथमिकता दें।
6. डांस करें, पर शरीर को सुनकर
डांस शादी का आनंद बढ़ाता है, पर लगातार थकावट पर भी ध्यान दें।
पहले हल्की स्ट्रेचिंग करें।
हाई हील या असुविधाजनक फुटवेयर से बचें।
घुटनों या पीठ के दर्द वाले लोग अति उत्साह में शरीर को ज़ोर न डालें
7. मानसिक सेहत का भी रखें ख्याल
शादी की तैयारियों, रिश्तेदारों की व्यवस्थाओं और लगातार कार्यक्रमों के बीच मानसिक थकान भी बढ़ सकती है।
समय-समय पर गहरी साँसें लेकर खुद को शांत करें।
छोटे-छोटे ब्रेक लें।
जरूरी कामों को बाँटें, सबकुछ अकेले करने का दबाव न लें।
8. मौसम के अनुसार सावधानियाँ
सर्दियों में: गर्म कपड़े पहनें, खासकर रात के कार्यक्रमों में।
गर्मियों में: हल्के कपड़े, छाया और पर्याप्त हाइड्रेशन जरूरी है।
प्रदूषण (यदि शहरी इलाकों में): बाहर ज्यादा देर न रहें, मास्क पहनें।
निष्कर्ष
शादी का मौसम खुशियों का मौसम होता है—पर यह तभी आनंददायी है जब हमारी सेहत साथ दे। चमक-दमक, संगीत और स्वाद का मज़ा तब ही पूरा मिलता है जब शरीर और मन स्वस्थ हों। इसलिए इस शादी सीज़न में थोड़ा समय अपने लिए भी निकालें, भोजन और दिनचर्या को संतुलित रखें, और अपनी सेहत को सबसे ऊपर रखें।
क्योंकि शादी साल में कई बार आ सकती है, लेकिन सेहत हर दिन जरूरी है।
डॉ विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रिंसिपल मलोट पंजाब
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