DELHI–तेल की कमी की खबरों पर सरकार का बड़ा बयान
‘देश में क्रूड का पर्याप्त भंडार, 2 महीने तक सप्लाई की चिंता नहीं
Govt On Fuel Shortage: पेट्रोल -डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार ने बुधवार को अपनी स्थिति स्पष्ट की। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आने वाले दो महीनों के लिए पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं।
अगले 2 महीने तक सप्लाई पक्की
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए देश की ऊर्जा सुरक्षा पर अहम जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, ‘हमारा कच्चा तेल भंडार पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार ने अगले दो महीनों तक कच्चे तेल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली हैं।’ मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश की सभी रिफाइनरीज अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं, ताकि ईंधन के उत्पादन में कोई कमी न आए।
पेट्रोल पंपों पर किल्लत की खबरें गलत
सरकार ने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया जिनमें पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म होने की बात कही जा रही थी। सुजाता शर्मा ने बताया कि देश के किसी भी पेट्रोल पंप से ईंधन की कमी की कोई आधिकारिक शिकायत या जानकारी नहीं मिली है। सरकार के अनुसार, युद्ध और वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद घरेलू स्तर पर तेल की सप्लाई चैन पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
बढ़ते वैश्विक दाम, फिर भी स्थिर हैं घरेलू रेट
मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और भारत में इसके असर पर भी तुलनात्मक जानकारी दी। करीब दो महीने पहले ब्रेंट क्रूड $70 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जो ईरान युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण आज $100 प्रति बैरल के पार निकल चुका है। कीमतों में इतनी भारी बढ़ोतरी के बावजूद, सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की है।
आम आदमी के लिए क्या है इसका मतलब?
सरकार का यह बयान उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो ईरान युद्ध के चलते तेल की कमी या अचानक कीमतें बढ़ने के डर से परेशान थे। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पैनिक बाइंग की आवश्यकता नहीं है। भारत न केवल अपने भंडार का इस्तेमाल कर रहा है, बल्कि रूस, वेनेजुएला और हाल ही में ईरान से मिली विशेष छूट के जरिए भी तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।










