



अनुराग ठाकुर को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने BFI के फैसले पर लगाई रोक!
BFI अध्यक्ष पद की दौड़ में वापस लौटे अनुराग ठाकुर, हाई कोर्ट ने नामांकन की तिथि बढ़ाने का दिया आदेश
पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) के अध्यक्ष पद के चुनाव में उनकी उम्मीदवारी को अयोग्य ठहराने के फैसले पर अदालत ने रोक लगा दी है। साथ ही BFI को उनके नामांकन की तिथि बढ़ाने का आदेश दिया गया है। इस फैसले के बाद अनुराग ठाकुर की चुनावी दावेदारी फिर से पटरी पर आ गई है।
BFI का फैसला कोर्ट में नहीं टिका
BFI अध्यक्ष अजय सिंह ने 7 मार्च 2025 को जारी आदेश में अनुराग ठाकुर को अयोग्य घोषित कर दिया था। इस आदेश के तहत, केवल प्रामाणिक और निर्वाचित सदस्य ही आगामी 28 मार्च को होने वाले BFI चुनावों में हिस्सा ले सकते थे। अनुराग ठाकुर हिमाचल प्रदेश मुक्केबाजी संघ का प्रतिनिधित्व करना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें निर्वाचित सदस्य नहीं माना गया।
हालांकि, हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल ने इस आदेश को प्रथम दृष्टया गलत मानते हुए उस पर रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि अगर अनुराग ठाकुर को चुनाव से बाहर रखा गया तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी।
निर्वाचन मंडल के फैसले पर भी उठे सवाल
कोर्ट ने निर्वाचन अधिकारी आर. के. गाबा द्वारा अनुमोदित निर्वाचन मंडल को भी कानूनी रूप से अमान्य करार दिया। अदालत ने कहा कि इस पूरे मामले में सुविधा का संतुलन याचिकाकर्ता (अनुराग ठाकुर) के पक्ष में है, इसलिए उनके नामांकन को अस्वीकार करने के निर्देश पर रोक लगाई जाती है।
क्या होगा अब?
इस फैसले के बाद अब अनुराग ठाकुर BFI अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी कर सकते हैं। हाई कोर्ट के आदेश ने उनकी उम्मीदवारी को फिर से मजबूत कर दिया है, जिससे चुनावी प्रक्रिया में बड़ा मोड़ आ सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि BFI और अजय सिंह इस फैसले के खिलाफ कोई नया कदम उठाते हैं या नहीं।