आपकी सेहत का जानी दुश्मन है AC ,एक्सपर्ट ने किये चौकाने वाले खुलासे
(BNE -DESK)गर्मी का प्रकोप दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। गर्मी से निजात पाने के लिए घरों ,दफ्तरों एवं अन्य सार्वजनिक जगहों पर एयर कंडीशनर का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तो साधारण लोग भी अपने घरों में AC का प्रयोग कर रहे हैं। घर ,दफ्तर या फिर चौपहिया वाहन ,सभी अंदर तो ठंडा करा रहे है लेकिन उससे कही ज्यादा बाहर गर्म हवा फेक रहे है। अलबत्ता तापमान में लगातार बृद्धि देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों के अनुसार एसी वातावरण में मौजूद हवाओं से नमी चूस लेती है, जिसके बाद गर्म हवाएं बाहर फेंकती हैं।
ऐसे हो रहे बिमार
एक्सपर्ट कहते हैं कि एसी का प्राथमिक कार्य कमरे को ठंडा करना है, लेकिन इस प्रक्रिया में, यह हवा से नमी को भी हटा देता है। जब एसी हवा को ठंडा करता है, तो हवा में मौजूद नमी संघनन के रूप में बदल जाती है। संघनन को इक_ा करने और हटाने के लिए एसी में एक इवेपोरेटर कॉइल और एक ड्रेन सिस्टम होता है। इस प्रक्रिया से हवा की आद्र्रता कम हो जाती है। कमरे व वाहन को ठंडा करने वाले एसी जहां बाहरी वातावरण को गर्म कर रहे हैं, वही लगातार एसी का इस्तेमाल करने वालों को बीमार भी बना रहे हैं।
ऐसे चलती है सारी प्रक्रिया
सीतापुर के मछरेहटा सीएचसी प्रभारी डा. कमलेश ने बताया कि लंबे समय तक एसी में रहना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल एसी गर्मी और नमी दोनों को कम करता है, जिससे चिलचिलाती धूप और अधिक पसीने से राहत मिलती है। हालांकि इसके ज्यादा इस्तेमाल से स्किन, बाल, नाक और गले में ड्राईनेस बढ़ सकती है। यह ड्राईनेस म्यूकस मेम्ब्रेन को प्रभावित कर सकती है। शरीर में नाक, मुंह, फेफड़ों और आंतों जैसी जगहों पर एक पतली व नम लेयर होती है, जिसे म्यूकस मेम्ब्रेन कहते हैं। यह शरीर को बैक्टीरिया और वायरस से बचाती है। जब यह म्यूकस मेम्ब्रेन सूख जाती है तो यह अपनी प्रोटेक्टिव क्षमता खो देती है। इससे बैक्टीरिया और वायरस आसानी से शरीर में घुसकर हमें बीमार कर सकते हैं .










