दिल्ली -एनसीआर के लोगों को दिवाली पर सांस लेने के संकट -रोहिणी समेत कई इलाकों में AQI 400 के पार
दिल्ली के अन्य इलाकों में भी प्रदूषण से राहत नहीं मिली। चांदनी चौक और मंदिर मार्ग में एक्यूआई 397 रहा
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का बढ़ता स्तर प्रशासन और आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
नई दिल्ली (BNE) : दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण ने लोगों की सांसों पर संकट खड़ा कर दिया है। हर साल सर्दियों की शुरुआत के साथ राजधानी और आसपास के शहरों में वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन जाता है। इस बार भी हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के पार पहुंच चुका है। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू होने के बावजूद लोगों को जहरीली हवा से राहत नहीं मिल रही है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह छह बजे दिल्ली के कई इलाकों में हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। राजधानी में सबसे खराब स्थिति आईआईटी दिल्ली के आसपास रही, जहां एक्यूआई 442 तक पहुंच गया। इसके अलावा पंजाबी बाग में 433, मुंडका में 421, रोहिणी में 418 और आरके पुरम में 417 दर्ज किया गया।
इसी तरह सोनिया विहार में एक्यूआई 414, नजफगढ़ में 413, बवाना और द्वारका में 411-411 रहा। नरेला में 409, पटपड़गंज में 403 और अलीपुर में 402 दर्ज किया गया। इन इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है।
दिल्ली के अन्य इलाकों में भी प्रदूषण से राहत नहीं मिली। चांदनी चौक और मंदिर मार्ग में एक्यूआई 397 रहा, जबकि जेएनयू में 393 तथा बुराड़ी और सरदार पटेल मार्ग पर 392 दर्ज किया गया। आया नगर में 383, मथुरा रोड पर 382 और नांगलोई में 364 रहा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक्यूआई 340 दर्ज किया गया। वहीं, लोधी रोड और आनंद विहार में यह क्रमशः 278 और 276 के आसपास रहा।
दिल्ली के साथ नोएडा में भी प्रदूषण का असर साफ नजर आ रहा है। यहां सेक्टर-62 सबसे अधिक प्रदूषित रहा, जहां एक्यूआई 415 दर्ज किया गया। सेक्टर-116 में 287, सेक्टर-125 में 281, सेक्टर-39 में 267, सेक्टर-110 में 257 और सेक्टर-1 में 251 रहा। वहीं, सेक्टर-150 में एक्यूआई 230 दर्ज किया गया।
दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उपसमिति ने 6 नवंबर को तत्काल प्रभाव से ग्रैप के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू करने का फैसला लिया था। ग्रैप के तहत प्रदूषण के स्तर के अनुसार अलग-अलग चरणों में प्रतिबंध लगाए जाते हैं।
नियमों के मुताबिक, एक्यूआई 201 से 300 के बीच पहुंचने पर ग्रैप का पहला चरण, 301 से 400 के बीच दूसरा और 401 से 450 के बीच तीसरा चरण लागू किया जाता है। वहीं, एक्यूआई 450 से ऊपर जाने पर सबसे सख्त चौथा चरण लागू होता है। इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का बढ़ता स्तर प्रशासन और आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।









