वृंदावन-प्रेमानंद महाराज के शिष्य की चौथी मंजिल से नीचे गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
प्राइवेट पार्ट कटने से गहराया रहस्य, हत्या या आत्महत्या की उलझन
सिर और शरीर पर गंभीर चोटें, अस्पताल में तोड़ा दम
वृंदावन (BNE): वृंदावन के विख्यात संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम ‘गुरु कृपा कुंज’ से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे हुई इस घटना के बाद गंभीर रूप से घायल शिष्य को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि मृतक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था, जिससे पूरा मामला बेहद रहस्यमयी हो गया है।
सिर और शरीर पर गंभीर चोटें, अस्पताल में तोड़ा दम
मिली जानकारी के अनुसार, शिष्य का असली नाम दीपक लोधी था और वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। आश्रम में वह रसिक दुलारी शरण के नाम से साधना कर रहे थे। शुक्रवार सुबह अचानक वह आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे आ गिरे। फर्श पर गिरने के कारण उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद आश्रम के सेवादार उन्हें आनन-फानन में स्थानीय सर्वोदय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
प्राइवेट पार्ट कटने से गहराया रहस्य, हत्या या आत्महत्या की उलझन
प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन प्राइवेट पार्ट कटे होने के तथ्य ने पुलिस और जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिष्य ने खुद अपना गुप्तांग काटने के बाद चौथी मंजिल से छलांग लगाई या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। पुलिस इस बिंदु पर भी गंभीरता से पड़ताल कर रही है कि क्या यह आत्महत्या है या हत्या की किसी वारदात को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत, परिजनों के आने का इंतजार
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने आश्रम परिसर और घटनास्थल से अहम साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की सूचना काफी देर से पुलिस तक पहुंची थी। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है और मध्य प्रदेश में रह रहे परिजनों को सूचित कर दिया गया है। परिजनों के मथुरा पहुंचने के बाद डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी वीडियोग्राफी और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।









