
कन्नौज: पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता एवं सेवा-संकल्प अभियान को मिलेगी नई गति
सरोवरों के संरक्षण, पौधों की सुरक्षा और भूगर्भ जल स्तर सुधार पर विशेष जोर
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, गंगा एवं सहायक नदियों की स्वच्छता, वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण, जल संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा जनजागरूकता से संबंधित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में संचालित ‘सेवा एवं संकल्प अभियान’ को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए सभी संबंधित विभाग प्रभावी एवं रचनात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान सरोवरों की साफ-सफाई, सुंदरीकरण एवं संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा प्रत्येक सरोवर पर जागरूकता संबंधी बोर्ड एवं आवश्यकतानुसार सोलर लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के 30 दिनों में अधिक से अधिक जनभागीदारी वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और कुछ क्षेत्रों को आदर्श पर्यावरणीय क्षेत्र के रूप में विकसित कर प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोपित पौधों को जीवित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाए, वहां पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए तथा नियमित रूप से पौधों की देखभाल एवं संरक्षण की समीक्षा की जाए। बाढ़ के प्रभाव को कम करने एवं नदी तटों के संरक्षण की दृष्टि से नदी किनारे उपयुक्त स्थानों पर बांस एवं अन्य उपयोगी प्रजातियों के पौधों का रोपण कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने सेवा एवं संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित रंगोली कार्यक्रम को भी पर्यावरण संरक्षण की थीम से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रंगोली में फूल-पत्तियों, प्राकृतिक सामग्री, पौधों एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित आकर्षक डिजाइनों का प्रयोग कर जनसामान्य को स्वच्छता, हरियाली और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चौपालों, नगर निकायों तथा बड़े गांवों में गोष्ठियों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण अभियान जन-आंदोलन का रूप ले सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं एवं आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को व्यापक स्वरूप दिया जाए।
उन्होंने नसरापुर, कन्नौज में कराए गए स्वच्छता कार्यों की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि शेष कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण कराया जाए। सरोवर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण तथा सोलर लाइट की व्यवस्था कराने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
जिलाधिकारी ने लाख बहोसी पक्षी विहार को भी सेवा एवं संकल्प अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी माह से पक्षियों का आगमन प्रारंभ होगा, इसलिए पक्षी विहार एवं उसके आसपास स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण कराया जाए, ताकि आगंतुक पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित हो सके।
भूगर्भ जल स्तर की स्थिति का तैयार होगा विस्तृत खाका
जिलाधिकारी ने भूगर्भ जल स्तर में आ रहे परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जल संरक्षण एवं भूगर्भ जल के पुनर्भरण पर विशेष फोकस किया जाना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूगर्भ जल विभाग के साथ बैठक आयोजित कर विशेषज्ञ गोष्ठी कराई जाए, जिसमें कृषि वैज्ञानिक, वन विभाग, सिंचाई विभाग, बुद्धिजीवी वर्ग, ब्लॉक प्रमुख, प्रत्येक विकासखंड से एक चयनित ग्राम प्रधान तथा संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हों।
उन्होंने पिछले 10 वर्षों में जनपद के भूगर्भ जल स्तर में हुए परिवर्तन का विस्तृत अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। रिपोर्ट में पूर्व की स्थिति, वर्तमान भूगर्भ जल स्तर तथा प्रतिवर्ष हो रही गिरावट अथवा सुधार का तुलनात्मक विवरण शामिल किया जाए, ताकि जल संरक्षण एवं भूगर्भ जल पुनर्भरण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, प्रभागीय वनाधिकारी हेमंत सेठ, डीसी मनरेगा दिनेश यादव, उप कृषि निदेशक संतोष कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सरदुल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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