नई दिल्ली-सरकार गठन में देरी से भड़के TVK सपोर्टर
तमिलनाडु में थलापती विजय के समर्थक ने खुद को लगाई आग
नई दिल्ली(BNE )-तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक असमंजस अब सड़कों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद टीवीके अब तक बहुमत का आंकड़ा हासिल नहीं कर पाई है, जिसके चलते राज्य में नई सरकार के गठन पर संशय बना हुआ है। इसी बीच अभिनेता-राजनेता थलपति विजय के संभावित शपथ ग्रहण समारोह को फिलहाल टाल दिया गया है।
राजनीतिक गतिरोध के बीच विजय समर्थकों में नाराजगी और बेचैनी बढ़ती नजर आ रही है। शनिवार को राज्य के तिरुनेलवेली जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां विजय के एक समर्थक ने कथित तौर पर आत्मदाह की कोशिश की। गंभीर रूप से झुलसे युवक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
विजय के सीएम बनने में देरी से आहत था समर्थक
जानकारी के अनुसार, घायल युवक टीवीके का कट्टर समर्थक बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह पिछले कई दिनों से सरकार गठन में हो रही देरी को लेकर बेहद परेशान था। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी वह विजय के समर्थन में अनोखे तरीके से प्रदर्शन कर चुका था। कुछ महीने पहले उसने विजय के मुख्यमंत्री बनने की कामना करते हुए धार्मिक प्रतीक के तौर पर अपने शरीर पर विशेष अनुष्ठान किया था, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं।
बढ़ते तनाव के बीच शांति की अपील
तमिलनाडु में बनते राजनीतिक हालात को लेकर कई नेताओं ने चिंता जताई है। वरिष्ठ भाजपा नेता तमिलिसाई सौंदरराजन ने विजय से अपील की है कि वह अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील करें।
उन्होंने कहा कि जनता चुनाव परिणामों को लेकर भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई है, लेकिन किसी भी तरह की हिंसा या आत्मघाती कदम लोकतंत्र के लिए सही नहीं हैं।
तमिलिसाई ने कहा, “राज्य में राजनीतिक माहौल संवेदनशील है। सभी दलों और समर्थकों को शांति बनाए रखनी चाहिए। विजय को आगे आकर अपने प्रशंसकों से अपील करनी चाहिए कि वे किसी भी तरह का खतरनाक कदम न उठाएं।”
राज्य में बढ़ रही राजनीतिक बेचैनी
सरकार गठन में देरी के कारण तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। टीवीके लगातार अन्य दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्षी दल भी सक्रिय रणनीति में जुटे हैं। इस बीच राज्य के कुछ इलाकों में समर्थकों के बीच तनाव और झड़पों की खबरें भी सामने आई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो राज्य में राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ सकती है।









