UAE Reports Missile Attack: मिडिल ईस्ट में क्षेत्र में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार तड़के संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर ईरान की ओर से भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए। हालांकि, यूएई की एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है, लेकिन इस अटैक ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सीजफायर पर खतरे के बादल मंडरा दिए हैं।
ईरान ने UAE पर दागी मिसाइलें
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। मंत्रालय ने निवासियों को चेतावनी दी है कि वे इंटरसेप्शन के कारण गिरने वाले मलबे या टुकड़ों के पास न जाएं और न ही उनकी तस्वीरें लें। फिलहाल यूएई ने अपनी ओर से किसी जवाबी हमले की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सेना को हाई-अलर्ट पर रखा गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी जहाजों पर हमला
यूएई पर हमले से कुछ घंटे पहले ही अमेरिका ने भी ईरान की बड़ी साजिश को नाकाम किया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, गुरुवार रात होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन अमेरिकी युद्धपोतों पर ईरान ने बिना उकसावे के हमला किया।अमेरिकी सेना ने न केवल इन हमलों को इंटरसेप्ट किया, बल्कि जवाबी कार्रवाई करते हुए उन ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जो इन हमलों के लिए जिम्मेदार थे।गनीमत यह रही कि इस झड़प में किसी भी अमेरिकी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा है।
क्या खतरे में है सीजफायर?
अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल से एक अस्थायी युद्धविराम लागू है, जो काफी हद तक सफल रहा था। लेकिन ताजी हिंसा ने इसे फिर से चुनौतीपूर्ण बना दिया है। वाशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि हिंसा के बावजूद ‘युद्धविराम फिलहाल बना हुआ है’। ट्रंप ने संकेत दिया कि वे तनाव और अधिक बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। पिछले महीने पाकिस्तान की मेजबानी में दोनों देशों के बीच आमने-सामने की बातचीत हुई थी, लेकिन युद्ध खत्म करने पर कोई ठोस समझौता नहीं हो सका।









