Mamata Banerjee: ममता बनर्जी ने कर दिए ये बड़े 3 ऐलान
राज्य में राष्ट्रपति शासन ही क्यों न लग जाए, लेकिन वह इस्तीफा नहीं देंगी
पश्चिम बंगाल की राजनीति में 15 साल के बाद बड़ा परिवर्तन आया है। 15 साल से लागातार सत्ता में रही ममता बनर्जी का 2026 के विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त मिली है। इन चुनाव में प्रचंडजीत के बाद भाजपा सूबे में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। वहीं बंगाल में जारी इस राजनीतिक हलचल के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि चाहे राज्य में राष्ट्रपति शासन ही क्यों न लग जाए, लेकिन वह इस्तीफा नहीं देंगी। कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता ने चुनाव नतीजों और मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।
ममता बनर्जी ने किए ये ऐलान
- ऐलान नंबर 1- ममता बनर्जी ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल का चुनाव हारने के बावजूद वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने नहीं जा रही हैं। ममता बनर्जी ने पार्टी की बैठक में कहा है कि बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगता है तो लग जाए लेकिन वह इस्तीफा नहीं देंगी.
- ऐलान नंबर 2- ममता बनर्जी ने कहा है कि अब वह और चंद्रिमा (चंद्रिमा भट्टाचार्य, टीएमसी नेता) अदालत में बतौर वकील प्रैक्टिस शुरू करने जा रहे हैं। ममता ने कहा कि अभी और आने वाले समय में तमाम केस खड़े होने वाले हैं। ऐसे में वह, चंद्रिमा, बिप्लब मित्रा और बिमान बनर्जी इन केसों को मुकाबला वकील बनकर करेंगे।
- ऐलान नंबर 3- ममता बनर्जी ने ऐलान कर दिया है कि वह अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को अकेला नहीं छोड़ेंगी। पार्टी की बैठक में उन्होंने सबसे साफ कहा है कि अभिषेक ने काफी कड़ी मेहनत की है। इसके बाद वह वहां मौजूद सभी लोगों के साथ खड़ी हुईं और अभिषेक बनर्जी की मेहनत को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करते हुए तारीफ की।
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने रचा इतिहास
बीजेपी ने विधानसभा चुनाव 2026 में बड़ा इतिहास रचा है। पार्टी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है। वहीं, बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन ने असम में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से 206 सीटों पर जीत हासिल की है। यह 2021 विधानसभा चुनाव में मिली 77 सीटों से काफी ज्यादा है। दूसरी ओर, पिछली बार 212 सीटें जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस इस बार सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई।









