



LUCKNOW-मुख्यमंत्री ने राज्य निर्वाचन आयोग, उ0प्र0 के कार्यालय भवन का शिलान्यास किया
विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित उ0प्र0 बनाना होगा
मुख्यमंत्री जी आज यहां राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश के कार्यालय भवन का शिलान्यास करने के बाद इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सबसे ज्यादा प्रतिनिधियों का चुनाव कराने का कार्य उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग कर रहा है, किन्तु राज्य निर्वाचन आयोग के पास स्वयं का कोई भवन नहीं था। यह किराए के भवन में संचालित था। किराए के भवन में कई समस्याएं आती हैं। किसी भी व्यक्ति के लिए बुनियादी सुविधाएं रोटी, कपड़ा और मकान है। शिलान्यास कार्यक्रम के माध्यम से राज्य निर्वाचन आयोग को कार्यालय भवन की सुविधा उपलब्ध होने जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पंचायतीराज व्यवस्था में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लगभग 12 करोड़ से अधिक मतदाता ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत के मतदान प्रक्रिया में भाग लेते हैं। देश में कई राज्यों की आबादी 12 करोड़ से अधिक नहीं है। प्रदेश में 58,000 से अधिक ग्राम पंचायत, 75,000 से अधिक क्षेत्र पंचायत के सदस्य, 826 क्षेत्र पंचायत, 07 लाख से अधिक ग्राम पंचायत के सदस्य तथा 75 जिला पंचायत हैं। प्रदेश में स्थानीय निकाय के 17 नगर निगम, 199 नगर पालिका परिषद, 544 नगर पंचायत और 1,400 से अधिक पार्षद हैं, जिनका चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लोकतंत्र आज भी विश्व में शासन की सबसे अच्छी पद्धति है। लोकतंत्र में अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को शासन तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर प्राप्त होता है। इसमें कोई भी जनप्रतिनिधि जनता की समस्या को नजरअंदाज नहीं कर सकता, क्योंकि उसकी जवाबदेही होती है। भारत के संविधान निर्माताओं ने चुनाव के माध्यम से यह व्यवस्था सुनिश्चित की है कि यदि चुनाव जीतने के बाद कोई जनप्रतिनिधि जनता-जनार्दन को नजरअंदाज करता है, तो 05 साल के बाद पुनः जब वह जनता के पास जाता है, तो जनता उससे मुंह फेर लेती है। प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि अपने स्तर पर प्रयास कर अपने क्षेत्र को आगे बढ़ाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में चुनाव की प्रक्रिया के माध्यम से 12 करोड़ से अधिक मतदाता पंचायतीराज और लगभग 05 करोड़ मतदाता स्थानीय निकाय की व्यवस्था से जुड़ते हैं। 08 लाख से अधिक प्रतिनिधि विभिन्न स्तरों पर अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह प्रक्रिया पंचायतीराज, स्थानीय निकाय व्यवस्था तथा लोकतंत्र की नींव को सुदृढ़ करती है। यदि स्थानीय निकाय और पंचायतीराज व्यवस्था मजबूत है तो विधानसभा और लोकसभा में भी मजबूत जनप्रतिनिधि चुनकर जाते हैं। यह प्रतिनिधि क्षेत्र की पहचान बनकर जनता की आवाज बन जाते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लिया है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश बनाना होगा। विकसित उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को विकसित और सशक्त बनाना होगा, जिसकी नींव यहां पर शिलान्यास कार्यक्रम के माध्यम से राज्य निर्वाचन आयोग ने रखी है। यहां से प्रदेश के जनप्रतिनिधि आमजन की आवाज उठाने और उन्हें मूर्त रूप देने के लिए चुने जाते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि निश्चित समय-सीमा में कार्यदायी संस्था भवन का निर्माण कर उत्तर प्रदेश की स्थानीय निकाय और पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली को और बेहतर तथा सुगम बनाएगी। यह भवन आधुनिक तकनीकों से युक्त होगा। यहां पर आसानी से जनप्रतिनिधि तथा आमजन आयोग के सम्मुख अपनी बात रख सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के छह मंजिला भवन का निर्माण राजकीय निर्माण निगम द्वारा कराया जा रहा है। यह देश का चौथा या पांचवा राज्य होगा, जहां राज्य निर्वाचन आयोग का स्वयं का भवन होगा।
कार्यक्रम को पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर तथा राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ0 बबीता चौहान, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनिल कुमार सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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