
2050 तक भारत में इस्लामी दबदबा बनाने का था लक्ष्य!
भाजपा शासित राज्यों में खूब फला-फूला धर्मांतरण जिहाद!
मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा हुआ है। धर्मांतरण गिरोह का वर्ष 2050 तक पूरे भारतवर्ष में इस्लाम को फैलाने का टारगेट था। इसको लेकर लगातार गिरोह कार्य कर रहा था। गिरोह के सदस्य डार्क वेब पर सक्रिय रहते थे। साथ ही अपनी बातचीत को गोपनीय रखने के लिए विभिन्न ऑनलाइन गेम्स का भी सहारा लेते थे। शनिवार को आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने इसका खुलासा करते हुये उन्होंने बताया कि अब तक गिरोह से जुड़े 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस आयुक्त के अनुसार यह एक संगठित ग्रुप है। जो अब्दुल रहमान निवासी दिल्ली एवं आयशा निवासी गोवा के नेतृत्व में कार्य कर रहा था। अब्दुल रहमान फिरोजाबाद का रहने वाला था, जिसने 1990 में अपना धर्म परिवर्तन किया था। यह एटीएस द्वारा जेल भेजे गए कलीम सिद्दीकी का सबसे करीबी सहयोगी था। धर्मांतरण की शिकार युवती ने बताया कि जब वो कश्मीर में रहती थी तो उसके दोस्तों ने उसे दावाह के लिए बुलाया था। बताया कि 2050 तक पूरे भारतवर्ष में इस्लाम को हम लोग फैलाएंगे। पुलिस के अनुसार दावाह इस्लाम की एक प्रथा है, जिसमें इस्लाम को मानने वाले अन्य धर्म के लोगों को बौद्धिक विमर्श के लिए आमंत्रित किया जाता है। इनके बौद्धिक विमर्श के बाद अपने धर्म में इनको शामिल करते हैं।
पुलिस के अनुसार जितनी भी लड़कियों और लड़कों का धर्मांतरण कराया गया, उन सभी ने बताया कि पहले उनके दोस्त दावाह के लिए बुलाते हैं। इसके बाद अपने धर्म की अच्छाइयां व दूसरे धर्म के प्रति नकारात्मक बातों को दिमाग में भरा जाता है। यदि किसी को अपने परिवार से कोई समस्या है तो परिवार के बारे में भी नकारात्मक बातें दिमाग में भरते हैं। जो लोग इस कार्य में शामिल हैं वो लोग थाना, न्यायालय, अस्पताल एवं बगीचे आदि जैसी जगहों पर सक्रिय रहते हैं। इन जगहों पर दुखी लोग ज्यादा जाते हैं। इन लोगों का दावाह के माध्यम से धर्मांतरण का प्रयास किया जाता है।धर्मांतरण जिहाद से जुड़े जिन 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है उनके नाम आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, गोवा, शेखर रॉय उर्फ अली हसन निवासी कोलकाता, ओसामा निवासी कोलकाता,
रहमान कुरैशी, आगरा, अब्बू तालीब खालापार, मुजफ्फरनगर, अबुर रहमान, देहरादून, रित बानिक उर्फ इब्राहिम, कोलकाता, जुनैद कुरैशी, जयपुर, मुस्तफा (मनोज), दिल्ली, मोहम्मद अली जयपुर, अब्दुल रहमान निवासी मुस्तफाबाद, दिल्ली, जुनैद कुरैशी निवासी मुस्तफाबाद, दिल्ली, अब्दुल्ला निवासी मुस्तफाबाद, दिल्ली,अब्दुल रहीम निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली
पुलिस ने बताया कि धर्मांतरण कराने वाले अधिकांश लोगों का संबंध जांच के दाैरान कश्मीर एवं पाकिस्तान में बैठे व्यक्तियों से सामने आया। धर्मांतरण की शिकार हुईं लड़कियों में से कई के संबंध कश्मीर की रहने वाली लड़कियों के साथ मिले। कश्मीर की लड़कियां इन्हें पाकिस्तान से चलने वाले ग्रुप में जोड़ने का काम करती थीं। पकड़े गए अभियुक्तों में से 11 को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था। पुलिस के अनुसार जितने भी आरोपी पकड़े गए, उनके संबंध आयशा और अब्दुल रहमान से थे। उत्तराखण्ड के देहरादून, उत्तर प्रदेश के बरेली, अलीगढ़, रायबरेली, हरियाणा के झज्जर व रोहतक की लड़कियों को बहकाकर धर्मांतरण कराया गया। पुलिस ने इन लड़कियों को गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस
की पूछताछ में सामने आया कि रहमान कुरैशी के द्वारा क्राउड फंडिंग एवं क्रिप्टो करेंसी के साथ डॉलर से आदान-प्रदान फलस्तीन को भी किया गया है। धर्मांतरण गिरोह के तीन सदस्य डार्क वेब की जानकारी रखते हैं। इसके द्वारा अपने सदस्यों से बात करते है। इसका प्रयोग अपनी बातों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए किया जाता है।
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