पहलगाम के बाद भारत आ रहे ईरानी विदेश मंत्री, पाकिस्तान पर चढ़ेगी मिर्ची, ट्रंप से भी छत्तीस का आंकड़ा!
“भारत-पाक के बीच मध्यस्थता की पेशकश के बीच अब्बास अराघची 8 मई को करेंगे जयशंकर से मुलाकात, आतंकवाद पर साझा मोर्चे की तैयारी”
पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी चरम पर है, और इसी बीच ईरान ने एक कूटनीतिक चाल चल दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 8 मई को नई दिल्ली आने वाले हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब तेहरान ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की इच्छा जताई है—जिससे इस्लामाबाद की बौखलाहट तय है।
अराघची अपने दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मिलेंगे और पहलगाम हमले से लेकर द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बात करेंगे। इससे पहले उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भारत और पाकिस्तान को “भाईचारे वाले पड़ोसी” बताया था और कहा था कि ईरान दोनों के बीच शांति के लिए हरसंभव प्रयास को तैयार है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी पीएम नरेंद्र मोदी से बात कर आतंकी हमले की तीखी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर बल दिया। पीएम मोदी ने हमले के पीछे के गुनहगारों को सख्ती से सबक सिखाने का संकल्प दोहराया।
अराघची का यह भारत दौरा सिर्फ आतंकवाद पर नहीं, बल्कि ईरान-अमेरिका तनाव और ट्रंप से उनकी ठनी सियासी लड़ाई की छाया में भी देखा जा रहा है। ऐसे में पाकिस्तान की परेशानी दोहरी है—एक तरफ आतंकवाद पर घिराव, दूसरी तरफ उसके पड़ोसी देशों का भारत की तरफ झुकाव।










