Manipulation Alert: प्यार की आड़ में इमोशनल गेम? रिश्ते में इन संकेतों से पहचानें भावनात्मक शोषण
Gen Z के रिश्तों में बढ़ता इमोशनल मैनिपुलेशन – क्या आप भी अनजाने में बन रहे हैं अपने पार्टनर के इमोशनल ट्रैप का शिकार?
आज के दौर में रिश्ते जितने मॉडर्न हो गए हैं, उतनी ही जटिलताएं भी उनमें बढ़ गई हैं। सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स और बदलती जीवनशैली ने रिश्तों की परिभाषा को बदल दिया है। इन्हीं बदलावों के बीच एक गंभीर मुद्दा सामने आ रहा है – भावनात्मक हेरफेर (Emotional Manipulation)।
जब आपका पार्टनर आपके इमोशन्स का इस्तेमाल आपको नियंत्रित करने के लिए करता है, तो वह इमोशनल मैनिपुलेशन कहलाता है। यह एक टॉक्सिक व्यवहार है, जो धीरे-धीरे आत्मविश्वास को खत्म कर देता है और रिश्ते को नुकसान पहुंचाता है।
रिलेशनशिप कोच जॉन दबाच ने इमोशनल मैनिपुलेशन के 5 अहम संकेत बताए हैं:
- आपकी सोच पर शक दिलाना: जब आप किसी बात को लेकर निश्चित हों, तब भी वह आपको भ्रमित करते हैं ताकि आप खुद पर भरोसा न कर पाएं।
- गिल्टी फीलिंग का जाल: वो आपकी भावनाओं का फायदा उठाकर आपको दोषी महसूस कराते हैं, जिससे आप हर बात में झुक जाएं।
- हर गलती का ठीकरा आप पर: चाहे गलती उनकी हो, पर इल्ज़ाम हमेशा आपके सिर आता है।
- साइलेंट ट्रीटमेंट: जब आप कुछ कहें जो उन्हें पसंद न आए, तो वो बात करना बंद कर देते हैं या इमोशनली दूर हो जाते हैं ताकि आप डर जाएं।
- मुद्दे से ध्यान भटकाना: जब आप उन्हें टोकते हैं, तो वो खुद को पीड़ित साबित करते हैं और असली मुद्दा गायब कर देते हैं।
अगर आप भी इन संकेतों को अपने रिश्ते में महसूस कर रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं। प्यार में समझदारी और सम्मान जरूरी है, ना कि इमोशनल ट्रैप।










