



गोवा का 450 साल पुराना मंगेशी शिव मंदिर, जानें इसका रोचक इतिहास
समुद्र तटों के लिए फेमस गोवा का यह मंदिर आस्था और वास्तुकला का अनूठा संगम
जब भी गोवा का नाम आता है, तो ज्यादातर लोग इसके खूबसूरत बीच और नाइटलाइफ के बारे में सोचते हैं। लेकिन यह छोटा सा राज्य अपने प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन्हीं में से एक है मंगेशी शिव मंदिर, जो 450 साल से भी अधिक पुराना है और आस्था के साथ-साथ अद्भुत वास्तुकला के लिए भी जाना जाता है।
मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
मंगेशी शिव मंदिर गोवा के पोंडा जिले के प्रियोल गांव में स्थित है। यह पणजी से करीब 21 किमी और मडगांव से 26 किमी दूर है। इतिहासकारों के अनुसार, यह मंदिर 18वीं शताब्दी में बना था, जबकि कुछ मान्यताओं के अनुसार, यह इससे भी पुराना है और मराठा शासकों के दान से इसका निर्माण हुआ था।
पौराणिक कथा
मंदिर की स्थापना को लेकर एक पौराणिक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि एक बार भगवान शिव अचानक बाघ के रूप में देवी पार्वती के सामने प्रकट हुए थे, जिससे भयभीत होकर देवी पार्वती के मुंह से “रक्षाम् गिरीश” शब्द निकला। तभी से भगवान शिव को यहां “मंगिरीश” (मंगेश) के रूप में पूजा जाने लगा।
अद्भुत वास्तुकला
मंगेशी मंदिर की वास्तुकला बेहद खास है। इसमें हिंदू, मुस्लिम और ईसाई शैली का मिश्रण देखने को मिलता है। इसकी सबसे अनोखी विशेषता है सात मंजिला अष्टकोणीय दीप स्तंभ, जिसे पूरे गोवा का सबसे ऊंचा दीप स्तंभ माना जाता है। मंदिर परिसर में एक विशाल सभागृह भी है, जहां 500 से अधिक लोग एक साथ खड़े हो सकते हैं।
मंदिर के पास घूमने की जगहें
मंगेशी शिव मंदिर के आसपास कई खूबसूरत पर्यटन स्थल भी हैं:
- बागा बीच (36 किमी)
- कोल्वा बीच (29 किमी)
- अंजुना बीच (39 किमी)
यहां से आप सनसेट और सनराइज के लुभावने दृश्य देख सकते हैं। अगर आप गोवा घूमने जा रहे हैं, तो इस ऐतिहासिक मंदिर के दर्शन जरूर करें!