पहलगाम हमले पर अमेरिका से लेकर यूरोप तक फूटा गुस्सा, तुलसी गबार्ड बोलीं- इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं
तुलसी गबार्ड ने पहलगाम हमले को बताया ‘भयानक’, दोषियों की तलाश में भारत को अमेरिका का समर्थन; दुनिया भर से मोदी सरकार को मिला साथ
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर हुए भीषण आतंकी हमले ने दुनिया को झकझोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कड़े संदेश के एक दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने शुक्रवार को इस्लामी आतंकवाद की निंदा करते हुए भारत को समर्थन का भरोसा दिलाया। गबार्ड ने ट्वीट कर कहा, “हम पहलगाम में हिंदुओं पर हुए भीषण इस्लामी आतंकी हमले के खिलाफ भारत के साथ एकजुटता में खड़े हैं। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। हम दोषियों को सजा दिलाने में भारत का पूरा साथ देंगे।”
इस हमले की निंदा करने वालों में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस, ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी शामिल रहे। सभी ने हमले को ‘घृणित’ और ‘अस्वीकार्य’ करार दिया। पाकिस्तान, चीन, जर्मनी, यूएई, ओमान, सिंगापुर और श्रीलंका ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया।
बता दें कि मंगलवार को पहलगाम में हुए इस हमले में 26 निर्दोष जानें गईं, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। 2019 के पुलवामा हमले के बाद यह घाटी में सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। दुनिया भर से भारत को मिल रहे इस समर्थन ने साबित कर दिया कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत अकेला नहीं है।









