उत्तर प्रदेश सरकार ने सारस के संरक्षण के लिए पहल की, जिसके सुखद परिणाम दिखाई देने लगे हैं। इसी क्रम में प्रदेश में गुरूवार से राज्य पक्षी सारस की गणना की जाएगी। वर्ष में दो बार (ग्रीष्मकालीन-शीतकालीन) गणना होती है।