प्रदेश को टेक्सटाइल्स उद्योग का हब बनाने के लिए भविष्य में गोरखपुर और वाराणसी में भी पीएम मित्र पार्क किया जाएगा स्थापित उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल्स उद्योग की बहुत संभावनाएँ, इससे प्रदेश में काफी संख्या में रोज़गार भी सृजित होगा विभागीय प्रदर्शनियों का आयोजन शहर के प्रमुख स्थलों पर कराने के साथ प्रदर्शनी का व्यापक प्रचार प्रसार भी कराया जाए - लखनऊ : उत्तर प्रदेश के एमएसएमई, रेशम उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रउद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीएम मित्र योजनांतर्गत जनपद लखनऊ-हरदोई के मध्य टेक्सटाइल्स पार्क की स्थापना हेतु भूमि से संबंधित समस्त कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करा लिया जाए, जल्द ही इस पार्क का शिलान्यास होना है। पीएम मित्र टैक्सटाइल्स पार्क से प्रदेश में टेक्सटाइल्स उद्योग को बहुत अधिक बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी की इच्छानुसार उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल्स उद्योग का हब बनाने की दिशा में तेज़ी से ज़रूरी कदम उठाए जाएँ। प्रदेश को टेक्सटाइल्स उद्योग का हब बनाने के लिए भविष्य में गोरखपुर और वाराणसी में भी पीएम मित्र पार्क को स्थापित किए जाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल्स उद्योग की बहुत संभावनाएँ हैं। इससे प्रदेश में काफी संख्या में रोज़गार भी सृजित होगा। उत्तर प्रदेश के एमएसएमई, रेशम उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रउद्योग मंत्री राकेश सचान ने यह निर्देश आज यहाँ खादी भवन सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रउद्योग विभाग के विभागीय कार्यों की समीक्षा के अवसर पर दिया। उन्होंने इस अवसर पर वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु विभागीय योजनाओं के लिए आवंटित बजट के संबंध में भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि लक्ष्य निर्धारित कर विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं का धरातल स्तर पर क्रियान्वयन सही ढंग से किया जाए। योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें किसी प्रकार की अल्पावधि नहीं मिलनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के मंडलों /जनपदों में आयोजित होने विभागीय प्रदर्शनियों का आयोजन शहर के प्रमुख स्थलों पर कराने के साथ ही प्रदर्शनी के उद्घाटन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जनपद के जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाय। प्रदर्शनी का व्यापक प्रचार प्रसार भी कराया जाए जिससे दूर दराज से आए उद्यमियों के उत्पादों की अच्छी बिक्री हो सके। राकेश सचान में वस्त्र उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री बुनकर सौर ऊर्जा योजना के तहत लोगो को प्रोत्साहित करते हुए लाभान्वित करायें। जो उद्यमी वस्त्र नीति 2022 के तहत अपना उत्पादन प्रारम्भ कर चुके हैं उनको विभागीय पोर्टल पर आवेदन कराकर अणुमन्य सुविधाओं का लाभ प्रदान कराया जाए। झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना तथा मुख्यमंत्री हैण्डलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के तहत समस्त प्रस्तावों को यथाशीघ्र निदेशालय प्रेषित किया जाए तथा द्वितीय किस्त की धनराशि की भी माँग यथाशीघ्र कर ली जाए। उन्होंने खादी एवं ग्रामोद्योग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि खड़ी के उत्पादों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से स्थापित होने वाली इकाइयों/लाभार्थियों को बैंको से समन्वय स्थापित करते हुए ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि प्रदेश में अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके। खादी के उत्पादों वृद्धि लाए जाने की दिशा में और अधिक प्रयास किए जाने की करियर है। उन्होंने इस संबंध में कंपनियों अधिकारियों से भी सुझाव लिया। राकेश सचान ने उ०प्र० माटीकला बोर्ड की योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक जनपद में कम से कम एक में कॉमन फैसेलिटी सेण्टर की स्थापना अवश्य करायी जाये ताकि माटीकला के परम्परागत कारीगरों को अधिक से अधिक योजना का लाभ मिल सके। विद्युत चालित चॉक वितरण के अतिरिक्त अन्य आधुनिक स्वचालित मशीनें भी परम्परागत कारीगरों को उपलब्ध कराये जाने हेतु विस्तृत योजना तैयारकर प्रस्तुत की जाए। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 2325 विद्युत चालित चाक के साथ ही 375 पगमिल मशीन वितरण का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए औपचारिक कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। राकेश सचान ने उ०प्र० माटीकला बोर्ड द्वारा माटीकला के परम्परागत कारीगरों को आवंटित तालाबों से मिट्टी निकालने के दौरान विभिन्न समस्याओं के निराकरण के संबंध में प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि जिलाधिकारी को पत्र लिखकर स्थानीय प्रशासन को इस सम्बन्ध में अवगत करायें कि माटीकला के परम्परागत कारीगरों को मिट्टी निकालने, ले जाने में किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो ताकि वह अपने उत्पाद का अधिक से अधिक उत्पादन कर सकें। उच्च अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी जिला ग्रामोद्योग अधिकारियों को निर्देश जारी करें कि ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में मिट्टी का कार्य कर रहे शिल्पकार जाहँ-जहाँ समूह में रह रहे हैं, उनको चिन्हित कर सूचीबद्ध करायें तथा उन सभी को योजनान्तर्गत लाभान्वित कराने का अधिक से अधिक प्रयास किया जाए। इस अवसर पर विभागीय प्रमुख सचिव आलोक कुमार, उद्योग आयुक्त एवं निदेशक राजेश कुमार, सीईओ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड उज्ज्वल कुमार सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।