जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने कहा कि अगर एसआईटी के पुनर्गठन की जरूरत महसूस होती है तो इस संबंध में बाद में आदेश पारित किया जाएगा। शीर्ष अदालत ने एसआईटी की जांच की निगरानी के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस राकेश कुमार जैन को नियुक्त किया था। उन्हें कार्यमुक्त करते हुए कहा कि भविष्य में जरूरत पड़ी तो SIT का पुनः गठन होगा। उन्हें इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से की जा रही जांच पर नजर रखनी थी।