: श्रीरामनगरी ने शनिवार को दिव्य दीपोत्सव का नया वि कीर्तिमान बनाया। सातवें दीपोत्सव में 21 लाख दीयों के लक्ष्य से भी आगे बढ़कर 22.23 लाख दीयों के प्रज्वलन का वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम हुआ। सरयू तीरे राम की पैड़ी के आसपास डेढ़ किमी में दीपों की यह जगमगाती माला देखते ही बन रही थी। अगले वर्ष 22 जनवरी को फिर दिव्य दिवाली के लिए रहें तैयार इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर में अगले वर्ष 22 जनवरी को राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर दिव्य दीवाली मनेगी। यह जनमानस के लिए यादगार दीवाली होगी। मुख्यमंत्री शनिवार को दीपोत्सव के अवसर पर राम कथा पार्क के मंच से उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगामी 22 जनवरी को जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम मंदिर में भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे तो वह एक अद्भुत अवसर होगा। इस आयोध्यावासियों समेत सम्पूर्ण जनमानस ऐसी दीवाली मनाये जो अद्भुत और अप्रतिम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वह अयोध्या नगरी है जिसकी प्रशंसा भगवान राम ने स्वयं की थी और इस नगरी को सजाने संवारने में जो कोई भी योगदान कर रहे हैं वह अपने जन्म और जीवन दोनों को सुफल कर रहे हैं। योगी ने कहा कि भगवान राम 500 वर्ष बाद स्वयं अपने मन्दिर में विराजमान होने जा रहे हैं इसके लिए आम जनमानस, राजा महाराजा, साधु संतों, महात्माओं के साथ राम मंदिर आंदोलन के प्रणोताओं राम चन्द्र परम हंस, महंथ दिग्विजय नाथ, महंथ अवेद्य नाथ आदि सन्तो ने पूरा जीवन राम मंदिर को समर्पित कर दिया। आज उसी त्याग की परिकल्पना साकार हो रही है। उन्होंने कहा कि भगवान राम की स्मृतियों को दिव्य बनाने के लिए दिव्य दीपोत्सव का आयोजन 2017 में शुरू हुआ और आज यह अपनी विशाल भव्यता को प्राप्त हो रहा है । डाक टिकट जारी अयोध्या में सातवें दीपोत्सव पर डाक विभाग के माध्यम से पोस्टमास्टर जनरल एवं लखनऊ निदेशक डाक सेवाएं तथा डा. राम मनोहर लोहिया अवध विविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रतिभा गोयल ने राम की पैड़ी पर दीपोत्सव विशेष डाकटिकट जारी किया। मुख्यमंत्री ने खींचा प्रभु श्रीराम का रथ, आसमान से बरसे फूल : अयोध्या में भव्य दीपोत्सव से पहले मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम,जानकी और लक्ष्मण की झांकी निकाली गयी। रामलीला मंचन के संक्षिप्त कार्यक्रम में 14 वर्ष वनवास के बाद भगवान राम, माता सीता और भइया लक्ष्मण पुष्पक विमान से अपनी अयोध्या लौट आए। यहां भरत और शत्रुघ्न ने गले लगकर भाइयों का स्वागत किया। यह नयनाभिरामी दृश्य शनिवार को अयोध्या में जिसने भी देखा उसके नयन छलक उठे। हेलीपैड से भगवान श्रीराम, माता जानकी, तीनों भाई, बजरंगबली एवं गुरु वशिष्ठ के साथ रथ पर सवार होकर रामकथा पार्क स्थित कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़े। जिस रथ पर प्रभु अपनी भार्या और भइयों के साथ सवार थे, उसे स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खींच रहे थे।