यूपी /लखनऊ : तो यूपी में विभागों के साथ मंत्री भी कम हो जायेगें

Posted at : 2018-06-22 14:03:31

लखनऊ :मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगले कदम से यूपी में 94 विभागों में से 39 अनुपयोगी विभाग को ख़त्म करने की कवायद शुरू हो गयी है। इसी कवायद में आज शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने अधिकरियों के साथ एनेक्सी में लंबी बैठक की ,लेकिन अभी नतीजा नहीं निकला। जल्दी ही इस संबंध में अगली बैठक आहूत की जाएगी जिसमें 39 विभागों को ख़त्म कर उनको सम्बंधित विभागों में मर्ज कर दिया जाएगा। इस प्रिक्रिया में प्रदेश के मंत्रियों की संख्या में भी कमी आएगी साथ ही प्रमुख सचिव की संख्या भी कम हो जाएगी। दरअसल नीति आयोग ने देश में तमाम ऐसे विभागों को ख़त्म करने के लिए प्रदेश सरकारों से अपील की है.जो विभाग आज के इस दौर में अनुपयोगी साबित हो रहे है। ऐसे विभागों को मर्ज करने की कवायद शुरू हो गयी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एनेक्सी में वरिष्ठ अधिकारीयों और मंत्रियों के साथ बैठक कर विस्तृत बातचीत की है लेकिन अभी कोई ठोस नतीजा नहीं निकलते देख अगली बैठक में इस मुद्दे को निपटाने के लिए कहा। अभी प्रदेश सरकार में 4 दर्जन से कम मंत्री है। जिनमें आधे से अधिक विभाग स्वयं मुख्यमंत्री के पास है .अगर मुख्यमंत्री के विभागों की संख्या कम करने के प्रताव को हरी झंडी मिल गयी तो निश्चित तोर पर प्रदेश में आधे से अधिक मंत्रियों की छुट्टी होना तय है। यही नहीं ,विभागों के संख्या कम होने पर प्रमुख सचिव की संख्या में भी कमी आएगी। सूत्रों के मुताविक प्रदेश के मुख्यमंत्री 15 जुलाई के बाद कई मंत्रियों की छुट्टी कर सकते है। मिली जानकारी के मुताविक प्रदेश में 3 दर्जन से अधिक अनुपयोगी विभागों को ख़त्म करने की सहमति मिल चुकी है। कुछ विभागों को एक करने की मंशा को भी सहमति मिल चुकी है जैसे नगर विकास और आवास ,चिकित्सा एवं स्वास्थय ,चिकित्सा शिक्षा ,परिवार कल्याण ,मातृ एवं शिशु कल्याण को एक करने की पहल पर भी सहमति बन चुकी है। पशु पालन विभाग ,मत्स्य विभाग के साथ साथ कई विभागों को ख़त्म कर उससे समबन्धित विभग में मर्ज करने की पहल पर भी विचार किया जा रहा है। जो अगली बैठक में अंतिम रूप ले लेगी।