मुंबई - भीमा-कोरेगांव हिंसा में दर्ज मामले लिए जाएंगे वापस, मुख्यमंत्री ने की घोषणा

Posted at : 2018-03-13 12:34:54

मुंबई - पुणे के भीमा- कोरेगांव में 1 जनवरी को हुई हिंसा के मामले में लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लिया जाएगा। जिन आरोपियों के खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज हैं, उनके बारे में फैसला समिति लेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जिनके खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं, उनको वापस लेने के बारे में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी - कानून-व्यवस्था ) की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति तीन महीने में राज्य मंत्रिमंडल की उपसमिति को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद फैसला लिया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री ने विधान परिषद में दी। मंगलवार को सदन में भीमा-कोरेगांव हिंसा पर नियम 97 के तहत हुई चर्चा का जवाब मुख्यमंत्री ने दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हिंसा में तककरीब 13 करोड़ रुपए की सम्पति का नुकसान हुआ। हिंसा के पहले दिन कोरेगाव-भीमा में करीब 9.5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. हिंसा की वजह से जिन लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। कोरेगांव - भीमा मामले में कुल 58 आपराधिक मामले दर्ज हैं और 162 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस हिंसा में 60 पुलिसकर्मी और 58 नागरिक घायल हुए थे। हिंसा के बाद 17 एट्रोसिटी के अलावा 600 से अधिक मामले दर्ज किए गए। कुल 1,199 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में 2,053 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। फ़िलहाल इस मामले में सिर्फ 22 लोग गिरफ्तार हैं। बाकियों को जमानत मिल गई है। करीब 350 लोगों पर गंभीर गुनाह दर्ज हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा के दौरान जिन लोगों ने मौके का फायदा उठाते हुए लूटपाट की, उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए जाएंगे।