लखनऊ ; राम की तुलना "रम" से करने वाले नरेश भाजपा में समा गए

Posted at : 2018-03-12 13:10:04

लखनऊ ; उत्तरप्रदेश की राजनीति में सोमवार का दिन सियासी गलियारों में सुर्खियां बटोरता रहा ,मामला ही कुछ ऐसा था। घाट घाट का पानी पीने वाले समाजवादी पार्टी से राज्यसभा संसद नरेश अग्रवाल आखिर भाजपाई हो गए। उन्हें दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भाजपा ज्वाइन कराई. और उम्मीद जताई कि नरेश के आने से भाजपा को और अधिक मजबूती मिलेगी। सत्ता के गलियारों में एक बात सभी जानते है कि हरदोई निवासी नरेश अग्रवाल सत्ता के हिसाब से पार्टी चुनते हैं। एक समय पर वो कांग्रेसी थे. फिर लोकतांत्रिक कांग्रेस के मुखिया हुए. बीजेपी में भी गए. मुलायम सिंह और फिर अखिलेश के करीबी बने. इन सबके बीच बहन मायावती के साथ भी रह चुके हैं. अब वापस बीजेपी में शामिल हुए हैं. 1980 में नरेश पहली बार विधायक चुने गए. इससे पहले उनके पिता श्री बाबू विधायक रहे हैं. नरेश संजय गांधी के करीबी नेताओं में माने जाते थे. कहा जाता है कि नरेश और 80 विधायकों ने संजय गांधी को यूपी का सीएम बनाने की मांग की थी. इसके बाद संजय और इंदिरा गांधी दोनों इस दुनिया से चले गए. वीपी सिंह ने 1985 चुनाव में नरेश का पत्ता काट दिया. 1989 में नरेश को फिर से टिकट नहीं मिला. इस बार उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा, जीत गए. नरेश अग्रवाल अपने क्षेत्र पर पकड़ बनाए रखने और बूथ मैनेजमेंट में माहिर होने के लिए जाने जाते है. नरेश जीत गए. राजीव गांधी ने उन्हें फिर वापस शामिल कर लिया. नरेश राम मंदिर लहर में भी अपनी सीट बचा पाए. राजनाथ ने हटाया