नई दिल्ली:विश्व अस्थमा दिवस: जरा सी सावधानी बरत कर बचा जा सकता है अस्थमा से

Posted at : 2019-05-07 08:48:47

नई दिल्ली: प्रदूषण तेजी से बच्चों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है. आज करीब स्कूल जाने वाले 20 फीसदी बच्चे प्रदूषण की वजह से अस्थमा की चपेट में आ रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में 100 से 150 मिलियन लोग अस्थमा से पीड़ित हैं. भारत में, इसकी संख्या बढ़ते हुए 15-20 मिलियन तक पहुंच गई है और, अस्थमा को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में मदद करने वाली सही दवा की पहचान के महत्व पर पर्याप्त जोर दिए जाने तक अस्थमा के मरीजों की बढ़ती रहेगी. दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण और हमारे बिगड़ते खान-पान से कई बीमारियां जन्म ले-लेती है. ऐसी ही एक बीमारी है अस्थमा. देश में सामान्य रूप से बच्चों और यातायात प्रदूषित शहरों में अस्थमा मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल मई महीने में विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है. अस्थमा की बढ़ती गंभीरता के कारणों के कई घटक हैं. उनमें हवा में पर्टिकुलेट कणों में वृद्धि के साथ वायु प्रदूषण का बढ़ना, धूम्रपान, बच्चों का गलत उपचार, बचपन में वायरल संक्रमण और हेल्थकेयर पेशेवरों के बीच जागरूकता बढ़ाना शामिल है.