कोटा,: ना करके पछताने से बेहतर है कि करके पछताए.

Posted at : 2019-04-04 05:36:55

कोटा, . इंडियन सोसायटी ऑफ ट्रेनिंग एंड डवलपमेंट (आईएसटीडी) के स्वर्ण जयंति वर्ष पर कोटा चेप्टर द्वारा गुरुवार को पेरेेंट्स रिलेशनशिप वर्कशॉप आयोजित की गई. मुख्य वक्ता सेनेजर्सिक की सीईओ कृपा चौकसी ने कहा कि बच्चे में अच्छाई क्या है, यह ढूंढे. वे अपनी आंखों से दुनिया को देखते हैं, हम उनकी अच्छाइयों को सामने लाएं. जब उनको लगेगा कि वे जैसे भी हैं, उनको स्वीकार किया है, तो अच्छाई का विस्तार होगा. बच्चे अपना भविष्य खुद बनाएंगे,उनका केवल सपोर्ट करें. आध्यात्मिक वैज्ञानिक अजीत तैलंग ने कहा कि नई जनरेशन के बच्चों पर एक रिसर्च से पता चला कि 91 प्रतिशत भविष्य के प्रति एंग्जाइटी से ग्रसित हैं. 31 प्रतिशत में पढाई के साथ डिप्रेशन भी आ रहा है. इसमें 54 प्रतिशत बच्चे गेजेट्स के आदी है. 48 प्रतिशत बच्चे हाइपर व 43 प्रतिशत गुस्सैल हो रहे हैं. 49 प्रतिशत बच्चे माता-पिता को जवाब देते हैं-मुझे पता है.