देहरादून :उत्तराखण्ड पशुओं के सेक्स सोर्टेड सीमन बनाने वाला पहला राज्य

Posted at : 2019-03-09 06:37:57

किसानों व पशुपालकों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण पहल। ऋषिकेश में शुरू हुई प्रयोगशाला में 90 प्रतिशत बछिया उत्पन्न करने की तकनीक। सीमन की हर डोज पर कुल 800 रूपए की सब्सिडी। सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में सचिव, पशुपालन श्री आर.मीनाक्षी सुंदरम ने प्रेसवार्ता में योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। देहरादून:उत्तराखण्ड अब सेक्स सोर्टेड सीमन उत्पादित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। ऋषिकेश में शुरू की गई प्रयोगशाला में ऐसी तकनीक प्रयोग की जा रही है जिससे 90 प्रतिशत बछिया उत्पन्न होने की सम्भावना रहेगी। तकनीक की सहायता से किसानों व पशुपालकों की आय को बढ़ाने में यह एक बड़ी पहल होगी। शनिवार को मीडिया सेंटर, सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तार से जानकारी देते हुए सचिव पशुपालन श्री आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि कुल 47 करोड़ 50 लाख लागत की इस योजना में 90 प्रतिशत केंद्रांश है जबकि 10 प्रतिशत राज्यांश है। इसमें पशुपालक को प्रति डोज केंद्र व राज्य सरकार से 400-400 रूपए की सब्सिडी मिलेगी। सचिव श्री मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि सामान्यतः मादा बछिया होने की 50 प्रतिशत सम्भावना होती है। परंतु प्रयोगशाला में प्रयोग की जा रही तकनीक युक्त सेक्स सोर्टेड सीमन से मादा बछिया होने की 90 प्रतिशत सम्भावना है। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अनुदान देने से पशुपालक को सेक्स सोर्टेड सीमन की एक डोज लगभग 300 रूपए में प्राप्त हो जाएगी जबकि इसकी बाजार दर लगभग 1200 रूपए है। भारत सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत ऋषिकेश में श्यामपुर में शुरू की गई सेक्स सोर्टेड सीमन प्रयोगशाला के लिए 18 राज्यों को चुना गया था। इसमें से तीन राज्य समयसीमा में इसका प्रस्ताव दे पाए। इनमें से उत्तराखण्ड के प्रस्ताव को उचित मानते हुए मंजूरी दी गई। इस प्रकार उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जहां इस प्रकार की तकनीक प्रयोग की जा रही है। इसके लिए अमरीका की फर्म इगुरान सोर्टिंग टेक्नालाजी एल.एल.पी. से अनुबन्ध किया गया है। उत्तराखण्ड लाइव स्टाक डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा इसे संचालित किया जा रहा है। इस सीमन को बेचने के लिए दूसरे राज्यों से भी बात चल रही है। ऐसा होने से राज्य की आय में इजाफा होगा। जिसका फायदा अंततोगत्वा यहां के किसानों व पशुपालकों को मिलेगा।